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अंबिकापुर कैसे पहुँचें: ट्रेन, सड़क और हवाई रास्ता

सरगुजा, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर पहुँचने की पूरी जानकारी: दुर्ग, बिलासपुर और जबलपुर से सीधी ट्रेनें, रायपुर से रात की बसें, आसपास के शहरों से सड़क की दूरी, और उड़ानों के बारे में ज़रूरी बातें।

अंबिकापुर सरगुजा ज़िले का मुख्यालय है, जो छत्तीसगढ़ के पहाड़ी उत्तरी हिस्से में मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तर प्रदेश की सीमाओं के पास बसा है। नक्शे पर यह दूर लगता है, पर रेल और सड़क से अच्छी तरह जुड़ा है। ज़्यादातर यात्रियों के लिए सबसे आसान तरीका रात की ट्रेन या बस है, जिससे आप सुबह तरोताज़ा पहुँचते हैं।

संक्षेप में

कहाँ से सबसे अच्छा तरीका लगभग समय
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर रात की दुर्ग–अंबिकापुर एक्सप्रेस या रात की बस एक रात
जबलपुर, कटनी जबलपुर–अंबिकापुर इंटरसिटी लगभग 10 घंटे
दिल्ली चुनिंदा दिनों में सीधी ट्रेन, या रायपुर तक उड़ान और आगे ट्रेन या सड़क से लंबा सफ़र; एक रात रखें
रांची, वाराणसी सड़क से 6 से 8 घंटे

ट्रेन से

अंबिकापुर रेलवे स्टेशन (कोड ABKP) मध्य प्रदेश के अनूपपुर जंक्शन से आने वाली ब्रांच लाइन का आख़िरी स्टेशन है, जो रेल से लगभग 174 किमी दूर है। यह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में आता है। अगर कोई सीधी ट्रेन सुविधाजनक न हो, तो अनूपपुर तक जाकर वहाँ ट्रेन बदलें।

मुख्य सीधी ट्रेनें:

  • दुर्ग–अंबिकापुर एक्सप्रेस (18241 / 18242): दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर से आने वालों के लिए सबसे काम की ट्रेन। दोनों दिशाओं में रोज़ रात को चलती है और सुबह अंबिकापुर पहुँचती है।
  • जबलपुर–अंबिकापुर इंटरसिटी (11265 / 11266): रोज़ दिन में चलने वाली ट्रेन, जो अंबिकापुर को जबलपुर और कटनी से जोड़ती है।
  • शहडोल–अंबिकापुर एक्सप्रेस (18755 / 18756): शहडोल और अनूपपुर से रोज़ की कड़ी।
  • अंबिकापुर–हज़रत निज़ामुद्दीन सुपरफ़ास्ट (22407 / 22408): हफ़्ते के चुनिंदा दिनों में दिल्ली की सीधी ट्रेन।
  • अनूपपुर, शहडोल और मनेंद्रगढ़ के लिए लोकल मेमू ट्रेनें।

समय और चलने के दिन बदलते रहते हैं, इसलिए टिकट बुक करने से पहले आधिकारिक NTES या IRCTC पर जाँच लें। नवरात्रि, दिवाली और शादियों के मौसम में ट्रेनें जल्दी भर जाती हैं, इसलिए पहले से बुकिंग करें।

सड़क से

अंबिकापुर में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग मिलते हैं:

  • NH130 दक्षिण में बिलासपुर और आगे रायपुर की ओर जाता है।
  • NH43 एक ओर जशपुर होते हुए रांची और दूसरी ओर मनेंद्रगढ़ व अनूपपुर की ओर जोड़ता है।
  • NH343 उत्तर-पूर्व में रामानुजगंज और झारखंड के गढ़वा की ओर जाता है।

अंबिकापुर की लगभग सड़क दूरी:

कहाँ से दूरी
रायपुर 335–345 किमी
बिलासपुर 220–225 किमी
कोरबा लगभग 177 किमी
अनूपपुर लगभग 207 किमी
रांची लगभग 290 किमी
वाराणसी लगभग 315 किमी
जबलपुर लगभग 407 किमी

बसें: अंबिकापुर से रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा और रायगढ़ के लिए बसें चलती हैं, और वाराणसी, रेणुकूट व गढ़वा रोड के लिए भी रोज़ बसें हैं। रायपुर से रात की एसी स्लीपर बसें लगभग 8 से 9 घंटे लेती हैं: देर शाम चलकर अगली सुबह जल्दी पहुँचती हैं। बिलासपुर से सफ़र लगभग 5 से 6 घंटे का है।

ख़ुद गाड़ी चलाकर: पहाड़ों से गुज़रती सड़क सुंदर है, पर कुछ जगहों पर घुमावदार है। जल्दी निकलें, अनजान रास्ते पर रात में गाड़ी चलाने से बचें, और शहरों के बीच पेट्रोल-डीज़ल भरवाते रहें।

हवाई रास्ते से

अंबिकापुर का अपना हवाई अड्डा है: शहर के दक्षिण में दरिमा में माँ महामाया एयरपोर्ट। इसका उद्घाटन अक्टूबर 2024 में हुआ, पर तब से नियमित उड़ानें सीमित रही हैं और कई बार बदली हैं: कुछ रूट जुड़े, कुछ घटे और कुछ बंद हुए।

उड़ान के भरोसे योजना बनाने से पहले एलायंस एयर या किसी बुकिंग साइट पर मौजूदा शेड्यूल ज़रूर देखें। भरोसेमंद विकल्प यह है कि सबसे नज़दीकी बड़े हवाई अड्डे रायपुर (स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट) तक उड़ान लें और वहाँ से रायपुर या दुर्ग की रात की ट्रेन, बस या टैक्सी से आगे आएँ। सड़क से 220–225 किमी दूर बिलासपुर एयरपोर्ट भी कुछ रूट के लिए एक विकल्प है।

पहुँचने पर

होटल मानस पैलेस अंबिकापुर के बीचोंबीच, बाबूपारा में सत्तीपारा रोड पर, रानी सती दादी मंदिर के पास है। अपनी ट्रेन या बस और पहुँचने का समय हमें WhatsApp पर भेजें, हम आपको हम तक पहुँचने का सबसे आसान रास्ता बताएँगे। बाद में इलाका घूमना हो, तो हमारी तीन दिन की सरगुजा यात्रा गाइड देखें।

काम की बातें

  • त्योहारों और शादियों के मौसम के लिए ट्रेन पहले से बुक करें।
  • रात की ट्रेन या बस से आएँ, तो दिन का समय बर्बाद नहीं होता: चेक-इन करें, आराम करें और दोपहर से पहले घूमना शुरू करें।
  • दूरियाँ अनुमानित हैं। सड़कें और समय-सारणी बदलती रहती हैं, इसलिए यात्रा के दिन एक बार जाँच लें।